कौन कहता है की आंसु ओ में वजन नही होता,
ऐक भी छलक जाता है तो मन हलका हो जाता है.
कितने चेहरे हैं इस दुनिया में,
मगर हमको ऐक ही चेहरा नजर आता हैं,
दुनिया को हम क्यों देखे,
उसकी याद में सारा वक्त गुजर जाता हैं.
सपना कभी साकार नहीं होता,
मोहोब्बत का कोई आकर नही होता,
सब कुछ हो जाता हैं दुनिया में,
मगर दुबारा किसी से सच्चा प्यार नही होता.
प्यास दिल की बुजाने वो कभी आया भी नही,
कैसा बादल हैं जिसका कोई साया भी नही,
बेरुखी इससे बड़ी और भला क्या होंगी,
ऐक मुद्दत से हमे उसने सताया भी नहीं.
